भोपाल। मध्य प्रदेश में वेतन बढ़ाने, नियमित नियुक्ति और अन्य लंबित मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों ने बुधवार से अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदेशभर के सफाईकर्मी इस आंदोलन में शामिल हैं। राजधानी भोपाल में भी नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। न्यू मार्केट समेत कई बाजारों और अन्य इलाकों में कचरा नहीं उठने से गंदगी जमा हो रही है।
सफाई कर्मचारी संगठनों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर दीपावली के दौरान भी सफाई और कचरा उठाने का काम नहीं किया जाएगा।
मंत्री और प्रमुख सचिव से मुलाकात पर टिकी नजरें
अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के मुताबिक, संगठन के पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। बुधवार को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और विभाग के प्रमुख सचिव मनोज दुबे से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी जाएंगी।
संगठन का कहना है कि बैठक में मांगों को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि, स्थायी नियुक्ति और अन्य लंबित मुद्दों का समाधान शामिल है।
एक दिन पहले जहांगीराबाद चौराहे पर लगाया था जाम
हड़ताल से एक दिन पहले मंगलवार को बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी भोपाल में एकत्र हुए थे। मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने जहांगीराबाद चौराहे पर जाम लगा दिया था।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन उनकी समस्याएं सुनने और ज्ञापन लेने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की रणनीति बनाई।
हालांकि, पुलिस ने जहांगीराबाद चौराहे पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कर्मचारी करीब दो घंटे तक सड़क पर बैठे रहे। पुलिस की समझाइश के बाद चौराहे पर प्रदर्शन समाप्त हुआ, लेकिन कई कर्मचारी रात तक शाहजहांनी पार्क में धरने पर बैठे रहे।
भोपाल में सफाई व्यवस्था प्रभावित, जगह-जगह जमा हो रहा कचरा
बुधवार को हड़ताल शुरू होने के बाद भोपाल में कचरा संग्रहण और सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। न्यू मार्केट सहित कई व्यस्त बाजारों में कचरा नहीं उठने की सूचना है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में भी कचरे के ढेर नजर आने लगे हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। फिलहाल सभी की नजर नगरीय प्रशासन मंत्री और विभाग के प्रमुख सचिव के साथ होने वाली बैठक पर है। बातचीत के बाद ही हड़ताल खत्म होने या जारी रहने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


