भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा आयोजित की जा रही है। इसमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जेपी नड्डा का भोपाल आगमन पर स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री के भोपाल पहुंचने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राजा भोज एयरपोर्ट पर पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
अटल पथ से रोशनपुरा तक निकलेगी पदयात्रा
भाजपा की यह पदयात्रा सुबह 10 बजे टीटी नगर स्थित प्लेटिनम प्लाजा के पास अटल पथ से शुरू होकर न्यू मार्केट होते हुए रोशनपुरा चौराहे तक पहुंचेगी। इससे पहले अटल पथ पर सभा आयोजित की जाएगी। इसमें जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य नेता संबोधित करेंगे।
एक लाख लोगों के जुटने का BJP का दावा
भाजपा ने पदयात्रा में करीब एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया है। इनमें पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारी समूहों, खेल संगठनों और अन्य वर्गों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है। वहीं, यातायात पुलिस का अनुमान है कि कार्यक्रम में करीब 40 से 50 हजार लोग पहुंच सकते हैं।
ट्रैफिक डायवर्जन, कुछ स्कूलों में छुट्टी
पदयात्रा और सभा में बड़ी संख्या में लोगोंMP News: भोपाल में BJP की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, जेपी नड्डा और CM मोहन यादव होंगे शामिल
के शामिल होने की संभावना को देखते हुए भोपाल में कई मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू किया गया है। अटल पथ, न्यू मार्केट और रोशनपुरा सहित आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित होने की आशंका है। कुछ स्कूलों ने भी एहतियातन छुट्टी घोषित की है या समय में बदलाव किया है।
चुनाव आयोग और SIR को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच BJP का अभियान
भाजपा देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान चला रही है। पार्टी के मुताबिक, यह अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संस्थाओं की विश्वसनीयता के समर्थन में है। इसका राजनीतिक संदर्भ चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से की जा रही आलोचना है।
मध्य प्रदेश में इससे पहले 30 अक्टूबर को इंदौर और 3 नवंबर को जबलपुर में भी इस अभियान के तहत पदयात्राएं आयोजित की गई थीं।


