Homeबड़ी खबरेंभारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी: पीयूष गोयल

भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी: पीयूष गोयल

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय उत्पादों और सेवाओं को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सरकार और उद्योग जगत के बीच सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की एक भरोसेमंद वैश्विक व्यापारिक साझेदार के रूप में पहचान मजबूत करने के लिए उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखना जरूरी है।

पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान वैश्विक व्यापार के बदलते परिदृश्य पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, टैरिफ में बदलाव, सप्लाई चेन के पुनर्गठन और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बदलती नियामकीय आवश्यकताओं के कारण कारोबार का माहौल तेजी से बदल रहा है।

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन बदलावों से निर्यातकों के सामने कई चुनौतियां पैदा हो रही हैं, लेकिन साथ ही भारत के लिए वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी व्यापारिक भागीदार के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने के नए अवसर भी बन रहे हैं।

गुणवत्ता, नवाचार और लागत प्रतिस्पर्धा पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने भारतीय उद्योग जगत से बदलते अंतरराष्ट्रीय कारोबारी माहौल के अनुरूप तेजी से कदम उठाने की अपील की। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, नवाचार, लागत प्रतिस्पर्धा, आपूर्ति की विश्वसनीयता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुपालन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन से वैश्विक मूल्य श्रृंखला (ग्लोबल वैल्यू चेन) में भारत की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत को विनिर्माण, सोर्सिंग और निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में देखने में वैश्विक कारोबारियों की रुचि बढ़ रही है। ऐसे में भारतीय उद्योगों और विदेशी कंपनियों के बीच निरंतर संवाद को ठोस कारोबारी समझौतों और परिणामों में बदलना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के प्रतिनिधियों को अपने अंतरराष्ट्रीय समकक्षों के साथ सक्रिय संपर्क बनाए रखने, संभावित खरीदारों की पहचान करने और स्थापित तथा उभरते बाजारों में कारोबारी साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया।

नए बाजारों और निर्यात की संभावनाओं की पहचान जरूरी

केंद्रीय मंत्री ने बदलती वैश्विक मांग और उभरते सप्लाई चेन अवसरों को देखते हुए उत्पादों और निर्यात बाजारों में विविधता लाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल से ऐसे उत्पादों की पहचान करने को कहा, जिनमें निर्यात की अधिक संभावनाएं हैं। साथ ही, नए बाजार तलाशने और अलग-अलग बाजारों की जरूरतों के अनुरूप रणनीति तैयार करने की सलाह दी।

उन्होंने स्थापित क्षेत्रों में भारत के प्रतिस्पर्धी लाभ को मजबूत करने के साथ-साथ उभरते क्षेत्रों में नई क्षमताएं विकसित करने पर भी जोर दिया। इससे भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और नए कारोबारी अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिल सकती है।

एमएसएमई के निर्यात को बढ़ावा देने पर फोकस

पीयूष गोयल ने कारोबार करने में आसानी बढ़ाने, व्यापारिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निर्यातकों के सामने आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन को महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इससे विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को निर्यात वित्त, बाजार तक पहुंच और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री ने भारतीय उत्पादों और सेवाओं की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए गुणवत्ता, नवाचार, बाजार विविधीकरण और अंतरराष्ट्रीय कारोबारी सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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