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कार्तिक मास में दामोदर पूजा का विशेष महत्व, प्रयागराज के बलुआघाट पर यमुना स्नान के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में कार्तिक मास की शुरुआत के साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया है। यमुना नदी के बलुआघाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। महीने भर चलने वाले कार्तिक स्नान के लिए भक्त यमुना में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य तथा देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

हिंदू धर्म में कार्तिक मास को विशेष पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में स्नान, दान, पूजा-पाठ और दीपदान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। बलुआघाट पर पहुंच रही महिलाएं यमुना में स्नान करने के बाद मिट्टी से भगवान की प्रतिमा बनाकर पूजा-अर्चना करती हैं और अनुष्ठान पूरा होने पर प्रतिमा का विसर्जन करती हैं।

राधा-कृष्ण और भगवान दामोदर की पूजा

बलुआघाट पर पूजा कर रही एक महिला श्रद्धालु ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि वे यमुना में स्नान करने के बाद मिट्टी से भगवान की प्रतिमा बनाती हैं, उसकी पूजा करती हैं और फिर विसर्जन करती हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान भगवान कृष्ण, राधा जी और भगवान दामोदर की पूजा की जाती है। यह अनुष्ठान पूरे एक महीने तक चलता है।

एक अन्य महिला श्रद्धालु ने कहा कि कार्तिक मास में स्नान, दान, पूजा-पाठ और दीपदान का विशेष महत्व है। उन्होंने तुलसी की पूजा और सेवा को भी इस महीने की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल बताया।

परिवार के मंगल और अच्छे स्वास्थ्य की कामना

घाट पर मौजूद एक अन्य महिला ने बताया कि कार्तिक मास में कई धार्मिक पर्व और व्रत आते हैं। इस दौरान श्रद्धालु यमुना में स्नान कर भगवान दामोदर की पूजा-अर्चना करते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

उन्होंने कहा कि कार्तिक मास में नियमित पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करने की परंपरा है, जिसका पालन श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ करते हैं।

घाट पर भजन-कीर्तन का माहौल

बलुआघाट पर सुबह से ही महिलाओं के समूह यमुना में स्नान करते दिखाई दे रहे हैं। स्नान के बाद श्रद्धालु घाट पर बैठकर फूल, माला, लोटा और दीपक सहित पूजा सामग्री से भगवान दामोदर की पूजा कर रहे हैं। पूजा-अर्चना के बाद महिलाएं समूह में भजन-कीर्तन भी करती हैं।

कार्तिक मास के दौरान प्रयागराज के घाटों पर धार्मिक गतिविधियों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु पूरे महीने स्नान, पूजा और दान जैसे अनुष्ठानों के माध्यम से अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त कर रहे हैं।

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