भोपाल। बॉलीवुड से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। ‘काबिल’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ और ‘मुंबई सागा’ जैसी फिल्मों का निर्देशन करने वाले मशहूर फिल्ममेकर संजय गुप्ता का निधन हो गया है। उन्होंने 30 अक्टूबर 2026 को 57 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय गुप्ता मुंबई स्थित अपने घर के बाथरूम में गिर गए थे। इस दौरान उनके सिर में चोट लगने की बात सामने आई है। हालांकि, उनकी मौत की परिस्थितियों और वास्तविक वजह को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
फिल्ममेकर और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनके निधन की पुष्टि की। उन्होंने संजय गुप्ता को याद करते हुए भावुक श्रद्धांजलि दी।
अशोक पंडित ने दी श्रद्धांजलि, बोले- बहुत याद आओगे दोस्त
अशोक पंडित ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर है। उन्हें अपने करीबी दोस्त और जाने-माने निर्देशक संजय गुप्ता के निधन की सूचना मिली। उन्होंने बताया कि घर पर सिर में चोट लगने के कारण उनका निधन हुआ।
अशोक पंडित ने उन्हें जिंदगी से भरपूर व्यक्तित्व, बेहतरीन कहानीकार और जुनूनी फिल्ममेकर बताते हुए कहा कि उनका जाना पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने दिवंगत निर्देशक के परिवार और करीबियों के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त कीं। अशोक पंडित के मुताबिक, संजय गुप्ता के अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी जल्द साझा की जाएगी।
जन्मदिन के महज 7 दिन बाद दुनिया को कहा अलविदा
संजय गुप्ता का जन्म 23 अक्टूबर 1969 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने इसी महीने अपना 57वां जन्मदिन मनाया था। जन्मदिन के महज एक सप्ताह बाद उनके निधन की खबर ने प्रशंसकों और फिल्म जगत को स्तब्ध कर दिया है।
संजय गुप्ता हिंदी सिनेमा में अपनी खास एक्शन और क्राइम थ्रिलर फिल्मों के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने ‘कांटे’, ‘मुसाफिर’, ‘जिंदा’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘काबिल’, ‘जज्बा’ और ‘मुंबई सागा’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया था।
संजय दत्त के साथ बनाई थीं कई यादगार फिल्में
संजय गुप्ता और अभिनेता संजय दत्त की जोड़ी ने बॉलीवुड को कई यादगार फिल्में दीं। दोनों ने ‘कांटे’ (2002), ‘मुसाफिर’ (2004), ‘जिंदा’ (2006) और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ (2007) जैसी फिल्मों में साथ काम किया।
अपने अलग निर्देशन अंदाज, दमदार एक्शन सीक्वेंस और अपराध की दुनिया पर आधारित कहानियों के जरिए संजय गुप्ता ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बनाई थी। उनके निधन से बॉलीवुड ने एक प्रतिभाशाली फिल्ममेकर खो दिया है।


