Homeभारत‘बहुत सदमे में थी, समझ नहीं आया क्या करूं’, फ्लाईदुबई के कैप्टन...

‘बहुत सदमे में थी, समझ नहीं आया क्या करूं’, फ्लाईदुबई के कैप्टन मच्छार की पत्नी ने बताया उन पर क्या बीती

फ्लाईदुबई विमान हमले में घायल कैप्टन स्मित मच्छार की पत्नी सोनल ने बताया कि घटना की खबर सुनकर वह बेहद सदमे में थीं। अस्पताल में पति से मिलने के बाद उन्हें राहत मिली और अब वह उनकी जल्द रिकवरी की उम्मीद कर रही हैं।
पत्नी ने कहा कि हमले की खबर सुनकर टूट गई थी, समझ नहीं आया कैसे प्रतिक्रिया दूं।
गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार से बात कर उनका हालचाल लिया।
नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हमले ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल हुए कैप्टन मच्छार की पत्नी सोनल मच्छार ने बताया कि जब उन्हें पति पर हुए हमले की जानकारी मिली तो वह बुरी तरह टूट गई थीं। उन्होंने कहा कि उस समय उनके पास यह समझने की भी ‘मानसिक क्षमता नहीं थी’ कि आखिर उन्हें कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
बहुत सदमे में थी, समझ नहीं आया क्या करूं’
सोनल ने सीएनएन-न्यूज18 से बातचीत में कहा,

‘मैं बहुत सदमे में थी। मेरे पास यह समझने की मानसिक क्षमता नहीं थी कि मुझे कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए।’

उन्होंने बताया कि उस मुश्किल समय में परिवार और दोस्तों का साथ उन्हें संभालने में मददगार रहा। साथ ही भारतीय अधिकारियों से मिल रही जानकारी से भी उन्हें राहत मिली। उन्होंने कहा कि आसपास अपने लोगों के होने से उन्हें भरोसा मिला कि स्थिति संभाली जा रही है और जल्द ही उन्हें खबर मिली कि स्मित की हालत स्थिर है।

अस्पताल में पति को देखकर मिली राहत
सोनल ने बताया कि वह गुरुवार को अबू धाबी के अस्पताल में अपने पति से मिलीं। उन्हें देखकर उनकी चिंता कुछ कम हुई। उन्होंने कहा,

‘मैं गुरुवार को उनसे मिली। इससे मुझे भरोसा हुआ कि वह सही हाथों में हैं। यूएई के डॉक्टर और सैन्य डॉक्टर उनकी बहुत अच्छी देखभाल कर रहे हैं।’

सोनल ने कहा कि अब उनकी सबसे बड़ी कोशिश स्मित की रिकवरी में मदद करना है। उन्होंने कहा कि वह बस उम्मीद कर रही हैं कि स्मित जल्द घर लौटें और उनकी रिकवरी के लिए वह हर संभव कोशिश करेंगी।

नेतन्याहू से बातचीत पर पत्नी ने क्या कहा?
जब सोनल से पूछा गया कि क्या इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित से बात करने की इच्छा जताई है, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में स्मित ही सही व्यक्ति हैं। सोनल ने कहा,

‘मैं मिस्टर नेतन्याहू से बात नहीं कर पाऊंगी। मुझे लगता है कि स्मित ही सही व्यक्ति हैं और उन्हें ही मिस्टर नेतन्याहू से बात करनी चाहिए।’

उन्होंने आगे कहा कि स्मित की हालत ठीक होने और वह सही मानसिक स्थिति में आने के बाद वह उनसे जरूर बात करेंगे।

पीएम मोदी से बातचीत में सुनाई हमले की कहानी
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने उस खौफनाक घटना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि 17 साल के उड़ान अनुभव की वजह से उन्हें तुरंत महसूस हो गया था कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। उन्होंने कहा,

‘जब मैं फर्श पर गिरा हुआ था, तब मुझे महसूस हुआ कि विमान नीचे जा रहा है। मुझे पक्का पता था कि अब आखिरी कोशिश करनी होगी। मैंने खुद से कहा, स्मित, बस एक आखिरी कोशिश करो। दरवाजा वहीं है। उसे खोल दो।’

स्मित ने बताया कि हमलावर के वार जारी रहने के बावजूद उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया।

‘मैं यात्रियों को मरने नहीं दे सकता था’
कैप्टन मच्छार ने प्रधानमंत्री को बताया कि उस वक्त वह खुद को समझा रहे थे कि वह अपनी जान बचाने के लिए कोशिश कर रहे हैं। लेकिन उनके मन में यह बात भी साफ थी कि वह विमान में मौजूद दूसरे लोगों को मरने नहीं दे सकते। अस्पताल से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने का फैसला किया, जिसके बाद दूसरे क्रू सदस्यों और यात्रियों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला।

मोदी ने साहस और सूझबूझ की तारीफ की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन मच्छार के साहस, धैर्य और मुश्किल समय में दिखाई गई सूझबूझ की तारीफ की। बातचीत के दौरान मच्छार ने बताया कि विमान को बचाने में दूसरे क्रू सदस्यों और यात्रियों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण थी। इसके बाद विमान को सुरक्षित तरीके से उतारने में 2 अन्य पायलटों ने भी मदद की, जो यात्री के तौर पर विमान में मौजूद थे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img