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जमीन में हिस्से की मांग पर खूनी संघर्ष का आरोप, सीताराम यादव पर तलवार, फरसा और लोहे की रॉड से हमला; पटना में जिंदगी और मौत के बीच जंग, FIR दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई का इंतजार

जमुई, बिहार। बिहार के जमुई जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के कर्रा गांव में जमीन के पुराने विवाद को लेकर खूनी संघर्ष का गंभीर मामला सामने आया है। यहां जमीन में अपने हिस्से की मांग को लेकर चल रहा विवाद कथित तौर पर हिंसक झड़प में बदल गया। अमित कुमार की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 7 बजकर 55 मिनट पर उनके पिता सीताराम यादव पर तलवार, फरसा, लोहे की रॉड, कुल्हाड़ी और लाठी-डंडों से हमला किया गया। हमले में सीताराम यादव को सिर, नाक, जबड़े और आंख के आसपास गंभीर चोटें आईं। उनकी हालत बिगड़ने पर पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र, फिर जमुई सदर अस्पताल और उसके बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया। परिजनों के अनुसार, फिलहाल पटना के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

जमीन में हिस्से की मांग को लेकर बढ़ा विवाद

पीड़ित पक्ष की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, परिवार के बीच जमीन के बंटवारे और हिस्सेदारी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि एक पक्ष ने अपने हिस्से की मांग की, लेकिन दूसरे पक्ष ने उसे देने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता गया। अमित कुमार का आरोप है कि विवाद को बातचीत से सुलझाने के बजाय दूसरे पक्ष के लोगों ने कथित तौर पर योजना बनाकर उनके पिता सीताराम यादव पर हमला कर दिया। परिवार का कहना है कि इससे पहले भी उनके साथ कई बार मारपीट की घटनाएं हो चुकी थीं। आरोप है कि पुराने विवाद के चलते हमलावरों के हौसले बढ़ गए थे और 28 अक्टूबर की सुबह उन्होंने एक बार फिर हिंसक वारदात को अंजाम दिया।

घर के बाहर खड़े सीताराम यादव पर अचानक हमले का आरोप

अमित कुमार के अनुसार, घटना के समय उनके पिता सीताराम यादव घर के बाहर खड़े थे। उसी दौरान जमीन विवाद से जुड़े कई लोग हथियारों के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि जयप्रकाश यादव, अर्जुन यादव, जयप्रकाश के बेटे आलोक कुमार और आनंद कुमार सहित अन्य लोगों ने मिलकर सीताराम यादव पर हमला कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि हमलावरों के हाथों में तलवार, फरसा, लोहे की रॉड और लाठी-डंडे जैसे हथियार थे। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से वार किए और सीताराम यादव को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

सिर पर तलवार, नाक पर लोहे की रॉड और चेहरे पर फरसे से वार का आरोप

शिकायत में जयप्रकाश यादव पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने तलवार से सीताराम यादव के सिर पर वार किया, जिससे उनका सिर बुरी तरह जख्मी हो गया। वहीं अर्जुन यादव पर लोहे की रॉड से नाक पर प्रहार करने का आरोप है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस हमले में सीताराम यादव की नाक पर गंभीर चोट आई। आनंद कुमार पर फरसे से वार कर चेहरे और जबड़े को चोट पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। नंदलाल यादव पर लोहे की रॉड से हमला करने और आंख के आसपास गंभीर चोट पहुंचाने का आरोप है। इसके अलावा आलोक कुमार और आनंद कुमार पर लाठी-डंडों से हमला करने का भी आरोप लगाया गया है। परिवार का कहना है कि सीताराम यादव के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी कई चोटें आईं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले में सभी संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है।

बचाने पहुंचे बेटे और पत्नी पर भी हमला करने का आरोप

अमित कुमार का कहना है कि जब उन्होंने अपने पिता को हमलावरों से बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। सीताराम यादव की पत्नी गीता देवी भी पति को बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचीं। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें भी नहीं छोड़ा और उनके साथ भी लाठी-डंडों से मारपीट की। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्यों में भी दहशत फैल गई। शिकायत के मुताबिक, मारपीट के दौरान सोनी देवी ने गीता देवी के गले से सोने का मंगलसूत्र छीन लिया। पीड़ित पक्ष ने मारपीट के साथ-साथ जेवर छीनने का आरोप भी पुलिस को दिए गए आवेदन में लगाया है।

14 लोगों के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोप

अमित कुमार की ओर से दिए गए आवेदन में कुल 14 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें जयप्रकाश यादव, आनंद कुमार, अर्जुन यादव, नंदलाल यादव, आलोक कुमार, सोनी देवी, पीयूष कुमार, निर्मला देवी, सीमा देवी, सिम्पी देवी, पूजा कुमारी, चंदन कुमार, रोहित यादव और पप्पू यादव के नाम शामिल हैं। आवेदन के अनुसार, इनमें से कई लोग कर्रा गांव के र…

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