मुंबई। दिवाली से पहले भारतीय शेयर बाजार में तेजी का माहौल देखने को मिला। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 2 नवंबर को घरेलू शेयर बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। सकारात्मक घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 900 अंकों से ज्यादा चढ़ा, जबकि निफ्टी में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में सकारात्मक प्रगति की उम्मीदों से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। इससे निवेशकों की धारणा को मजबूती मिली और बाजार में खरीदारी बढ़ी।
सेंसेक्स 75,366 के स्तर तक पहुंचा, निफ्टी ने भी दिखाई मजबूती
बीएसई सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के 74,459.53 अंक के मुकाबले 718.71 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,178.24 पर खुला। कारोबार के दौरान इसने 906.53 अंक यानी 1.21 प्रतिशत की तेजी के साथ 75,366.06 का उच्चतम स्तर छुआ।
वहीं, एनएसई निफ्टी 50 पिछले बंद स्तर 23,053.10 के मुकाबले 169.20 अंक यानी 0.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,222.30 पर खुला। दिन के कारोबार में निफ्टी 248.15 अंक यानी 1.07 प्रतिशत चढ़कर 23,301.25 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया।
ऑयल एंड गैस शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी
सेक्टरवार कारोबार की बात करें तो ऑयल एंड गैस शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी ऑटो में 0.77 प्रतिशत और निफ्टी आईटी में 0.51 प्रतिशत की बढ़त रही।
हालांकि, रियल्टी और मीडिया सेक्टर के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.74 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया इंडेक्स 0.06 प्रतिशत गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
विस्तृत बाजार में भी सकारात्मक रुख रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.83 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.63 प्रतिशत चढ़ा।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को राहत
बाजार में तेजी की एक प्रमुख वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी रही। ब्रेंट क्रूड पिछले सप्ताह के 118 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर से गिरकर करीब 110 डॉलर के आसपास आ गया। वहीं, अमेरिकी कच्चा तेल WTI भी लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 100.81 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
इसके अलावा अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में गिरावट और वैश्विक निवेशकों की बदलती रणनीति ने भी भारतीय बाजार को समर्थन दिया।
बैंकिंग और GST के आंकड़ों से मजबूत हुई निवेशकों की धारणा
घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े संकेतों ने भी बाजार को मजबूती दी। बैंकिंग सेक्टर में 17.94 प्रतिशत की क्रेडिट ग्रोथ और अक्टूबर में रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह को आर्थिक गतिविधियों में तेजी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निवेश को लेकर बढ़ती चिंताओं और अमेरिकी टेक शेयरों में कमजोरी के बीच निवेशकों का रुझान दूसरे बाजारों की ओर बढ़ सकता है। इसका फायदा भारतीय शेयर बाजार को मिलने की संभावना है।
निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर अहम
तकनीकी संकेतकों के अनुसार, निफ्टी का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 53.50 पर पहुंच गया है, जो इसकी औसत रीडिंग 45.97 से ऊपर है। वहीं, पुट-कॉल रेशियो (PCR) 1.24 रहने से डेरिवेटिव्स बाजार में सकारात्मक रुझारे का संकेत मिला।
विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,900 से 23,000 का स्तर अहम सपोर्ट जोन है, जबकि 23,200 से 23,250 का स्तर निकटतम रेजिस्टेंस माना जा रहा है। यदि निफ्टी 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर बना रहता है, तो बाजार में तेजी को और समर्थन मिल सकता है।
अमेरिकी बाजारों में गिरावट, फिर भी भारतीय बाजार मजबूत
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। इनटेल और अमेजन के नतीजों तथा AI पर कंपनियों के भारी निवेश को लेकर चिंताओं के बीच नैस्डैक में 5 जून के बाद की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट दर्ज की गई थी।
इसके बावजूद घरेलू आर्थिक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई।


