नई दिल्ली, 3 नवंबर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ने मंगलवार सुबह दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर लिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान के दोपहर तक कमजोर होकर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आने और मंगलवार मध्यरात्रि तक डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने मंगलवार सुबह करीब 8 बजे जारी बुलेटिन में बताया कि बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट के पास मौजूद भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ पिछले छह घंटों के दौरान 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा।
तूफान ने सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार किया। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि झोंकों के साथ यह 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई।
ओंगोल के पास था तूफान का केंद्र
आईएमडी के मुताबिक, मंगलवार सुबह 5:30 बजे चक्रवाती तूफान ओंगोल के पास केंद्रित था। उस समय यह बापटला से करीब 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम, कावली से 80 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पूर्व, मछलीपट्टनम से 120 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम और नेल्लोर से 130 किलोमीटर उत्तर में स्थित था।
दोपहर तक कमजोर होने का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, ‘मुरासु’ के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते रहने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। इसके दोपहर तक चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आने का अनुमान है। इस दौरान हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों के साथ यह 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
इसके बाद मंगलवार मध्यरात्रि तक तूफान के और कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इस दौरान हवा की गति 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।
मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम स्थित डॉप्लर मौसम रडार के जरिए तूफान पर लगातार नजर रखी जा रही है। चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। इसके अलावा तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी तूफान का असर देखने को मिल रहा है।


